माँ हरसिद्धि शक्तिपीठ
51 शक्तिपीठों में से 13वां शक्तिपीठ जहाँ माता सती की कोहनी गिरी - सम्राट विक्रमादित्य की कुलदेवी
आध्यात्मिक महत्व एवं इतिहास
माँ हरसिद्धि शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में 13वां शक्तिपीठ है जहाँ माता सती की कोहनी गिरी थी। यह न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी हैं। शाम की संध्या आरती में 50 फीट ऊंचे दो दीपस्तंभों पर 1,100 दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं जो एक अत्यंत अलौकिक दृश्य होता है।
दैनिक आरती एवं दर्शन समय सारिणी
दैनिक अनुष्ठान एवं प्रार्थना समय
| आरती / अनुष्ठान नाम | समय |
|---|---|
| प्रातः आरती | 07:00 AM |
| संध्या महाआरती | 07:00 PM (1100 दीपकों की दीपमालिका सहित) |
अनिवार्य पोशाक (Dress Code)
शालीन भक्तिमय वस्त्र।
प्रवेश द्वार
पूर्वी मुख्य द्वार एवं प्रोटोकॉल गेट।