श्री मंगलनाथ मंदिर (मंगल ग्रह की जन्मभूमि)
श्री मंगलनाथ मंदिर (मंगल ग्रह की जन्मभूमि)
मंगल ग्रह की वैश्विक जन्मस्थली - मंगल दोष निवारण एवं भात पूजा का मुख्य केंद्र
आध्यात्मिक महत्व एवं इतिहास
मत्स्य पुराण के अनुसार मंगलनाथ मंगल ग्रह की जन्मभूमि है। कुंडली में मांगलिक दोष या मंगल की प्रतिकूलता को शांत करने के लिए यहाँ शुद्ध पके चावल (भात) से शिवलिंग का विशेष अभिषेक किया जाता है।
दैनिक आरती एवं दर्शन समय सारिणी
दैनिक अनुष्ठान एवं प्रार्थना समय
| आरती / अनुष्ठान नाम | समय |
|---|---|
| प्रातः आरती | 06:00 AM |
| भात पूजा समय स्लॉट | 07:00 AM से 02:00 PM |
| संध्या आरती | 07:30 PM |
अनिवार्य पोशाक (Dress Code)
पूजा हेतु सफेद/लाल धोती-कुर्ता या पारंपरिक वस्त्र।
प्रवेश द्वार
पूजा हॉल एवं मुख्य दर्शन द्वार।
दर्शन सहायता में शामिल हैं:
मंदिर समिति भात पूजा प्रक्रिया व समय की पूरी जानकारी
उज्जैन के प्रामाणिक वैदिक आचार्यों से समन्वय
शुद्ध पूजन सामग्री की तैयारी एवं सहयोग
नाम व गोत्र सहित व्यक्तिगत संकल्प व्यवस्था
तीर्थ यात्रा सहायता